जौनपुर - डिलीवरी के दौरान गई नवजात शिशु की जान, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

जौनपुर (मछलीशहर) - अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है आपको बता दें कि नगर के मडियाहूं रोड पर स्थित जीवन रक्षा हॉस्पिटल में शुक्रवार को प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल को बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा किया। घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मौके से फरार हो गए।



बताया जा रहा है कि नगर के अस्पताल में प्रसव के दौरान एक दिन के अंतराल पर होने वाली मौत की यह दूसरी घटना है । शुक्रवार को सुबह सुजानगंज के बेरमाँव निवासी विनोद पटेल अपनी ससुराल टटेहरा गांव से गर्भवती पत्नी अंजू को लेकर प्रसव कराने के लिए मिर्जापुर नहर के पास में रहने वाली नर्स पुष्पा के पास गए तो पुष्पा ने बच्चा उल्टा होने की बात कही और उन्हें लेकर जीवन रक्षा हॉस्पिटल में आई । 

और जब यह लोग अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में सीजर करने के लिए सर्जन नहीं मिलने पर अस्पताल का स्टॉप नार्मल प्रसव कराने लगे। ऐसे में शिशु उल्टा होने के कारण प्रसव के दौरान गर्भस्थ बच्चे की मौत हो गई। विवाह के छः साल बाद गर्भ के आए शिशु की मौत होने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे

उक्त घटनाक्रम के बाद परिजनों के द्वारा घटना की सूचना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सीज कर मामले की जांच में जुट गई है।

स्थानीय लोगों की मानें तो उनका कहना है कि क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों की नियमित जांच न होने के कारण आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने किया सीज

अब इस घटना का संज्ञान लेते हुए मछलीशहर सी एच सी के अधीक्षक डॉ अजय सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य टीम मौके पर पहुंची। वहां मौजूद प्रसूता को सी एच सी में लाकर भर्ती कराया गया है। और जांच पड़ताल के दौरान अस्पताल स्टाफ मौके पर नहीं मौजूद मिला। अब अस्पताल को सीज कर दिया गया है।आगे जांचोपरांत विधिक कार्यवाही की जायेगी।

प्राथमिकी दर्ज कर हो रही हैं कार्यवाही

मछलीशहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनीत राय के द्वारा बताया गया कि मामले में महिला के पति विनोद पटेल ने तहरीर दी है। प्राप्त तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अस्पताल संचालक और दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की शुरु कर दिया गया हैं। 

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