बताया जा रहा है कि जौनपुर के मड़ियाहूं क्षेत्र के ककराही निवासी गोबिंद सिंह के द्वारा एंटी करप्शन टीम को शिकायत किया गया था कि मारपीट के मामले में विवेचना कर रहे रामाश्रय प्रजापति द्वारा उक्त मामले में अन्य आरोपियों का नाम बढ़ाने के लिए पैसे का मांग किया जा रहा है। साथ यह भी आरोप लगाया गया कि पैसे न देने पर केस को कमजोर करने और आरोपियों का नाम न बढ़ाने की बात कही गई हैं।
ऐसे में उक्त शिकायत का संज्ञान लेते हुए एंटी करप्शन टीम के द्वारा जाल बिछाया गया और बीतें शाम मड़ियाहूं कोतवाली के पास मौर्य चाय भंडार पर टीम के 10 हजार नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। और तुरंत उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति का रासायनिक परिक्षण कराया गया तो घोल गुलाबी रंग का हो गया जिससे यह पुष्टि हो गया कि उनके द्वारा रिश्वत लिया गया हैं।
उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को जलालपुर थानें पर लाया गया और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करवाते हुए विधिक कार्रवाई सुनिश्चित किया गया गिरफ्तार उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति उत्तर प्रदेश के बलिया के फेफना के रहने वाले हैं।

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